Sorry Shayari in Hindi

नाराज क्यूँ होते हो किस बात पे हो रूठे, अच्छा चलो ये माना तुम सच्चे हम ही झूठे, कब तक छुपाओगे तुम हमसे हो प्यार करते, गुस्से का है बहाना दिल में हो हम पे मरते.


बहुत उदास है कोई शख्स तेरे जाने से, हो सके तो लौट के आजा किसी बहाने से, तू लाख खफा हो पर एक बार तो देख ले, कोई बिखर गया है तेरे रूठ जाने से.


कब तक रह पाओगे आखिर यूँ दूर हमसे, मिलना पड़ेगा कभी न कभी जरुर हमसे, नजरें चुराने वाले ये बेरुखी है कैसी, कह दो अगर हुआ है कोई कसूर हमसे.


तुम खफा हो गए तो कोई ख़ुशी न रहेगी तुम्हारे बिना चिरागों में रोशनी न रहेगी क्या कहे क्या गुजरेगी इस दिल पर जिंदा तो रहेंगे पर ज़िन्दगी न रहेगी.


किसी के दिल में बसना कुछ बुरा तो नहीं, किसी को दिल में बसाना कोई खता तो नहीं, गुनाह हो यह ज़माने की नज़र में तो क्या, ज़माने वाले कोई खुदा तो नहीं.


तुम खफा हो गए तो कोई ख़ुशी न रहेगी, तुम्हारे बिना चिरागों में रोशनी न रहेगी, क्या कहे क्या गुजरेगी इस दिल पर, जिंदा तो रहेंगे पर ज़िन्दगी न रहेगी.


Duniya Ko Haqiqt Meri Pata Kuch Bhi Nahi, Ilzam Hzaro Hai Aurr Khata Kuch Bhi Nahi, DiL Me Kya Hai Ye Padh Na Skoge, Sare Panne Bikhre Hue Hai, aur Likha Kuch Bhi Nahi.


नाराज क्यूँ होते हो किस बात पे हो रूठे, अच्छा चलो ये माना तुम सच्चे हम ही झूठे, कब तक छुपाओगे तुम हमसे हो प्यार करते, गुस्से का है बहाना दिल में हो हम पे मरते.


बड़ी आरज़ू थी मोहब्बत को बेनकाब देखने की, दुपट्टा जो सरका तो जुल्फें दीवार बन गयी.


दिल से तेरी याद को जुदा तो नहीं किया, रखा जो तुझे याद कुछ बुरा तो नहीं किया, हम से तू नाराज़ हैं किस लिये बता जरा, हमने कभी तुझे खफा तो नहीं किया.