Sharabi Shayari in Hindi

अब के सावन में सबका हिसाब कर दूंगा, जिसका जो वाकी है वो भी हिसाब कर दूंगा, और मुझे इस गिलास में ही कैद रख वरना, पूरे शहर का पानी शराब कर दूंगा .


तेरी यादों को अपने सीने से लगा लेता हूँ, और शाम होते ही मैं दो जाम लगा लेता हूँ.


रख ले 2-4 बोतल कफ़न में साथ बैठ कर पिया करेंगे जब माँगे गा हिसाब गुनाहों का एक पेग उससे भी दे दिया करेंगे.


नशा हम किया करते है इलज़ाम शराब को दिया करते है, कसूर शराब का नहीं उनका है जिनका चहेरा हम जाम मै तलाश किया करते है.


हर रोज़ पीता हूँ तेरे छोड़ जाने के ग़म में, वर्ना पीने का मुझे भी कोई शौंक नहीं, बहुत याद आते है तेरे साथ बीताये हुये लम्हें वर्ना मर मर के जीने का मुझे भी कोई शौंक नहीं.


गम इस कदर भरे है की मैं घबरा के पी गया इस दिल की बेबसी पर तरस खा के पी गया ठुकरा रहा था मुझको बड़ी देर से जहान मैं आज सब जहान को ठुकरा के पी गया


लफ़्ज़ों के फ़साने ढूंढते है हम लोग लम्हों में ज़माने ढूंढते है हम लोग तू जहर ही दे शराब कह कर साकी पीने के बहाने ढूंढते है हम लोग


नशा मोहब्बत का हो या शराब का होश दोनों में खो जाते है फर्क सिर्फ इतना है की शराब सुला देती है और मोहब्बत रुला देती है


काश हमें भी कोई समझाने वाला होता तो आज हम इतने नासमझ ना होते काश कोई इश्क का जाम पिलाने वाला होता तो आज हम भी शराब के दीवाने ना होते


हर किसी बात का जवाब नहीं होता हर जाम इश्क में ख़राब नहीं होता यूँ तो झूम लेते है नशे में रहने वाले मगर हर नशे का नाम शराब नहीं होता


सब कहते है बुरी है ये शराब मैंने भी माना की ये शराब नशा छडाती  है फिर पूछते है सब मुझसे की क्यों पीता हूँ मैं तो क्या बताऊ यारों ये शराब ही है जो उनका गम भुलाती है


शाम थी वो कातिल जो उसकी याद ले आई थे हम तनहा हमें मैखाने ले आई साकी ने तो और भी जुल्म ढाया हम पर की छलक गया पैमाना ऐसी आँखों से पिलाई


तेरी आँखों से यूँ तो सागर भी पिए है मैंने तुझे क्या खबर जुदाई के दिन कैसे जिए है मैंने


नशा हम करते है इल्जाम शराब को दिया जाता है मगर इल्जाम शराब का नहीं उनका है जिनका चेहरा हमें हर जाम में नजर आता है


जाम पीकर अपने गम को कहाँ कम किया हमने हर वक़्त तेरी यादो में इन आँखों को नम किया हमने चाहा था तुझे बुलाना पर याद ही किया हमने और जिंदगीके बाद भी कब्र से हाथ निकाल कर तेरा ही इंतजार किया हमने


रोक दो मेरे जनाजे को ज़ालिमों मुझ में जान आ गयी है पीछे मुड के देखो कमीनो दारू की दुकान आ गयी है.


5 ग्लास दूध पियो फिर दीवार हिलाने की, कोशिश करो, नही हिलेगी. 5 कैन बियर पियो और सिर्फ दीवार की तरफ देखो दीवार अपने आप ही हिलने लगेगी


मदहोश कर देता है तेरे ये देखने का अंदाज़ और लोग सोचते हैं कि ???? हम पीते बहुत है.


कहते है शराब शरीर को ख़तम करती, शराब सोच समझ को ख़तम करती है,आओ आज इस शराब को ख़तम करते है,एक वोतल तुम ख़तम करो एक हम ख़तम करते है!