Rain Status in Hindi

“आज तो बोहोत खुश हो गए आप? क्योकि, बारिश जो हो रही है, और बारिश मैं तो, सभी मेंडक खुश होते हैं, हैप्पी मानसून 2016 ।”


“तुझे ख़्वाबों में पाकर दिल का क़रार खो ही जाता है, मैं जितना रोकूँ ख़ुद को तुझसे प्यार हो ही जाता है ।”


“बहुत दिनों से थी ये आसमान की साजिश, आज पुरी हुई उनकी ख्वाहिश, भीग लो अपनों को याद कर के, मुबारक हो आपको साल की ये पहली बारिश ।”


“चाहत के ये कैसे अफसाने हुए खुद नजरोमे अपनी बेगाने हुए किसीभी रिस्ते का खयाल नहीं मुजे इश्क़ मे तेरे इस कदर दीवाने हुए ।”


“इश्क की गहराईयों में खूबसूरत क्या है, मैं हूँ, तुम हो और कुछ की ज़रुरत क्या है ।”


“मुझको फिर वही सुहाना नज़ारा मिल गया, नज़रों को जो दीदार तुम्हारा मिल गया, और किसी चीज़ की तमन्ना क्यूँ करू, जब मुझे तेरी बाहों में सहारा मिल गया ।”


“कहाँ रखूं मैं शीशे सा दिल अपना. हर किसी के हाथ मैं पत्थर नज़र आता है ।”


“मौसम है बारिश का और याद तुम्हारी आती है, बारिश के हर क़तरे से आवाज तुम्हारी आती है, जब तेज हवाएं चलती है तो जान हमारी जाती है, मौसम है कातिल बारिश का और याद तुम्हारी आती है ।”


“तुम आँखो की पलकों सी हो गई हो, के मिले बिना सुकून ही नही आता ।”


“उलफत का अकसर यही दस्तूर होता है, जिसे चाहो वही दूर होता है. दिल टुट कर बिखरते हैं इस कदर, जैसे कोई काँच का खिलोना चूर चूर होता है ।”


“काश आप जिनको चाहते हो उनसे मुलाकात हो जाये, ज़ुबान से न सही आँखों से बात हो जाये, आप का हाथ उनके हाथ में हो, और रिमझिम सी बरसात हो जाये ।”


“बारिश मेरे दिल में किसी की याद दिलाती है ।”


“बादलों को आता देख के मुस्कुरा लिया होगा, कुछ न कुछ मस्ती में गुनगुना लिया होगा, ऊपर वाले का शुक्र अदा किया बारिश के होने से, के इस बहाने तुमने नहा लिया होगा ।”


“हवा भी रूक जाती है, कहने को कुछ तराने, बारिश की बूंदे भी उसे छूने को करती है, बहाने ।”


“गर मेरी चाहतों के मुताबिक, जमाने में हर बात होती, तो बस मैं होता वो होती, और सारी रात बरसात होती ।”


“बेसन की रोटी, निम्बू का अचार, दोस्तों की ख़ुशी, अपनों का प्यार, सावन की रैन, किसी का इंतज़ार, मुबारक हो आपको, बारिश की बहार, हैप्पी रैनी डे ।”


“आज बारिश में तुम्हारे संग नहाना है, सपना ये मेरा कितना सुहाना है, बारिश के कतरे जो तेरे होंठों पे गिरे, उन कतरों को अपने होंठों से उठाना है ।”


“इस बारिश के मौसम में अजीब सी कशिश है, ना चाहते हुए भी कोई शिद्दत से याद आता है ।”


“एक ख्वाब ने आँखे खोली हैं, क्या मोड़ आया है, कहानी में वो भीग रही थी बारिश में और आग लगी है, पानी में ।”


“जब जब गरजते हे ये बादल मेरे दिल की धड़कन बढ़ जाती है, ओर मेरे दिल की हर एक धड़कन से आवाज़ आती है ।”


“तपिश और बढ़ गई इन चंद बूंदों के बाद, काले सियाह बादल ने भी बस यूँ ही बहलाया मुझे ।”


“मोसम हे बारिश का ओर याद तुम्हारी आती है ।”


“भीगेँगे जो किसी रोज हम मोहब्बत की ‘बरसात’ में फिर ‘कमज़ोर’ से इस दिल को इश्क का ‘बुखार’ पक्का है ।”


“अब के सावन मे पानी बरसा बहुत, पानी की हर बूँद मे वह आये याद बहुत, इस सुहाने मौसम मे साथ नही था कोई, बादलों के साथ इन आँखों से पानी बहा बहुत ।”

“आज कुछ और नहीं बस इतना सुनो, मौसम हसीन है, लेकिन तुम जैसा नहीं ।”


“कुछ लोगों का दिल जीत लिया आकर इस बरसात ने, और कुछ इस सोच में डूबे हैं, की आज वो सोयेंगे कहाँ ।”


“गर मेरी चाहतों के मुताबिक, जमाने में हर बात होती, तो बस मैं होता वो होती, और सारी रात बरसात होती ।”


“पानी की बूंदे फूलों को भिगा रही हैं, ठंडी लहरे एक ताज़गी जगा रही हैं, हो जायें आप भी इनमें शामिल, एक प्यारी सी सुबह आपको जगा रही है ।”


“खूब हौसला बढ़ाया आँधियों ने धूल का, मगर दो बूँद बारिश ने औकात बता दी ।”


“हर मुलाकात को याद हम करतें हैं, कभी चाहत कभी जुदाई कि आह भरते है, यूं तो रोज़ तुम से सपनो मे बात करते हैं पर, फिर से अगली मुलाकात का इन्तज़ार करते है ।”


“भीगी मौसम की भीगी सी रात, भीगी सी याद, भुली हुई बात, भुला हुआ वक्त, वो भीगी सी आँखें, वो बीता हुआ साथ, मुबारक हो आप को साल की पहली बरसात ।”