Mohabbat Shayari in Hindi

कभी मिले तुम्हे फुरसत तो इतना जरुर बताना, वो कौनसी मौहब्बत थी हम तुम्हे दे ना सके.


उस शख्स को पाना इतना मुश्किल भी नही मेरे दोस्त, मगर जब तक दूरी न हो मोहब्बत का मजा नही आता.


फिर कभी नहीं हो सकती मुहब्बत सुना तुमने !!! वो शख्स भी एक था और मेरा दिल भी एक.


मेरी पलकों की नमी इस बात की गवाह है.. मुझे आज भी तुमसे मोहब्बत बेपनाह है.


कोई ठुकरा दे तो हँसकर जी लेना, क्यूँकि मोहब्बत की दुनिया में ज़बरदस्ती नहीं होती.


मुहब्बत का ये क ख ग हमे ही क्योँ नही आता, यहा जिससे मिलो वो इश्क के किस्से सुनाता है.


नशा था उनके प्यार का जिसमे हम खो गये, उन्हें भी नहीं पता चला कि कब हम उनके हो गये.


ना शौक दीदार का ना फिक्र जुदाई की, बड़े खुश नसीब हैँ वो लोग जो मोहब्बत नहीँ करतेँ.


जरा तो शर्म करती तू.. मुहब्ब्त चुप चुप के और नफरत सरे आम.


उसके दिल पर भी, क्या खूब गुज़री होगी.. जिसने इस दर्द का नाम, मोहब्बत रखा होगा.


मुझसे नफरत ही करनी है तो इरादे मजबूत रखना…. जरा सा भी चूके तो मोहब्बत हो जायेगी.


इस मोहब्बत का बड़ा अजीब बंधन है मिल जाती है तो बातें लम्बी होती हैं… और बिछड जाए तो यादें लम्बी होती हैं.