Mohabbat Shayari in Hindi

मोह्हबत तो वो बारिश है जिससे छूने की चाहत में.. हथेलिया तो गीली हो जाती है पर हाथ खाली ही रह जाते है.


अजीब खेल है ये मोहब्बत का; किसी को हम न मिले, कोई हमें ना मिला.


तुम भी कर के देख लो मोहब्बत किसी से; जान जाओगे कि हम मुस्कुराना क्यों भूल गए.


एक बार नही हजारबार ये दिल तुटा पर मोहब्बत करने का शौक अभी तक नही छुटा.


अपनी जिद को अंजाम पर पहुँचा दू तो क्या तू तो मिल जायेगी पर तेरी मोहब्बत का क्या.


वो खेलती है मुझसे मुझे भी ये पता है , पर उसके हाथ का खिलौना होने में भी एक मज़ा है.


दोनों जानते हे के, हम नहीं एक-दूसरे के नसीब में, फिर भी मोहब्बत दिन-ब-दिन बे-पनाह होती जा रही हे.


उनको आ सकी न निभानी मुहब्बत, अब पड़ रही है हमको भुलानी मुहब्बत.


ताल्लुक़ टूट कर बाद में जो कुछ भी रह गये, मगर मोहब्बत में वो पहला मुस्कुराना हमेशा याद आता है.


रुक गयी मेरी कलम दर्द-ए-दिल बयाँ करते-करते, मेरी मोहब्बत को उसने अपना रुतबा समझ लिया.


तेरे दर पे आने से पहले, मैं बड़ा कमज़ोर होता हूँ  पर तेरी दहलीज़ को छू लेते ही, मैं कुछ और होता हूँ.


बस.. एक तुम्हे पाने की तमन्ना ही नहीं रही  मोहब्बत तो आज भी तुम से बेशुमार करते है.