1000+ Maut Shayari in Hindi - Heart Touching Collection

Maut Shayari in Hindi

कितना और दर्द देगा बस इतना बता दे, ऐसा कर ऐ खुदा मेरी हस्ती मिटा दे, यूं घुट घुट के जीने से तो मौत बेहतर है, मैं कभी न जागूं मुझे ऐसी नींद सुला दे।


तुम न आओगे तो मरने की हैं सौ तदबीरें, मौत कुछ तुम तो नहीं हो कि बुला भी न सकूँ


मिट्टी मेरी कब्र से उठा रहा है कोई, मरने के बाद भी याद आ रहा है कोई, कुछ पल की मोहलत और दे दे ऐ खुदा, उदास मेरी कब्र से जा रहा है कोई।


मौत को तो यूँ ही बदनाम करते हैं लोग, तकलीफ तो साली ज़िन्दगी देती है!! उनसे बिछड़े तो मालूम हुआ मौत क्या चीज है ज़िन्दगी वो थी जो हम उनकी महफ़िल में गुजार आए


एक दिन जब हुआ इश्क का एहसास उन्हें वो हमारे पास आके सारा दिन रोते रहे और हम भी इतना खुदगर्ज निकले यारो आँखे बंद करके कफन में सोते रहे.


यहाँ गरीब को मरने की इसलिए भी जल्दी है साहब, कहीं जिन्दगी की कशमकश में कफ़न महँगा ना हो जाए।


अगर कल फुर्सत न मिली तो क्या होगा, इतनी मोहलत न मिली तो क्या होगा, रोज़ कहते हो कल मिलेंगे कल मिलेंगे, कल मेरी आँखे न खुली तो क्या होगा।


कफ़न की गिरह खोल कर मेरा दीदार तो कर लो, बंद हो गई हैं वो आँखे जिन से तुम शरमाया करती थी।


किसी दिन तेरी नजरों से दूर हो जायेंगे हम, दूर फिजाओं में कहीं खो जायेंगे हम, मेरी यादों से लिपट कर रोने लगोगे, जब ज़मीन को ओढ़ कर सो जायेंगे हम.


मैं अब सुपुर्दे ख़ाक हूँ मुझको जलाना छोड़ दे, कब्र पर मेरी तू उसके साथ आना छोड़ दे, हो सके गर तू खुशी से अश्क पीना सीख ले, या तू आँखों में अपनी काजल लगाना छोड़ दे.


आशिक़ मरते नहीं सिर्फ दफनाए जाते हैं, कब्र खोद कर देखो इंतज़ार में पाए जाते हैं.


साँसों के सिलसिले को न दो ज़िंदगी का नाम, जीने के बावजूद भी मर जाते हैं कुछ लोग.


मौत जिस्म की रिवायत है, रूह को बस लिबास बदलना है.


तुम समझते हो कि जीने की तलब है मुझको, मैं तो इस आस में ज़िंदा हूँ कि मरना कब है.


तू बदनाम ना हो इसलिए जी रहा हूँ मैं, वरना मरने का इरादा तो रोज होता है


ढूंढोगे कहाँ मुझको, मेरा पता लेते जाओ, एक कब्र नई होगी एक जलता दिया होगा.

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