Maut Shayari in Hindi

इश्क से बचिए जनाब, सुना है धीमी मौत है ये.


मोहब्बत और मौत की पसन्द तो देखो यारो  एक को दिल चाहिए और दुसरे को धड़कन.


उनसे बिछड़े तो मालूम हुआ मौत क्या चीज है , ज़िन्दगी वो थी जो हम उनकी महफ़िल में गुजार आए.


मोहब्बत और मौत दोनों बिन बुलाए मेहमान होते है  कब आजाए कोई नहीं जानता  लेकिन दोनों का एक ही काम है एक को दिल चाहिए दुसरी को धड़कन.


उम्र तमाम बहार की उम्मीद में गुजर गयी, बहार आई है तो पैगाम मौत का लाई है.


अगर दुनिया में जीने की चाहत ना होती  तो खुदा ने मोहब्बत बनाई ना होती लोग मरने की आरज़ू ना करते  अगर मोहब्बत में बेवफाई ना होती.


ना जाने मेरी मौत कैसी होगी पर ये तो तय है तेरी बेवफाई से बेहतर होगी.


कफ़न की गिरह खोल कर मेरा दीदार तो कर लो, बंद हो गई हैं वो आँखे जिन से तुम शरमाया करती थी.


किसी दिन तेरी नजरों से दूर हो जायेंगे हम, दूर फिजाओं में कहीं खो जायेंगे हम, मेरी यादों से लिपट कर रोने लगोगे, जब ज़मीन को ओढ़ कर सो जायेंगे हम.


मैं अब सुपुर्दे ख़ाक हूँ मुझको जलाना छोड़ दे, कब्र पर मेरी तू उसके साथ आना छोड़ दे, हो सके गर तू खुशी से अश्क पीना सीख ले, या तू आँखों में अपनी काजल लगाना छोड़ दे.


आशिक़ मरते नहीं सिर्फ दफनाए जाते हैं, कब्र खोद कर देखो इंतज़ार में पाए जाते हैं.