Maa Shayari in Hindi

Gin Leti Hai Din Bagair Mere Gujare Hain Kitne, Bhala Kaise Kah Doon Ki Maa Anparh Hai Meri.


पहाड़ो जैसे सदमे झेलती है उम्र भर लेकिन, बस इक औलाद की तकलीफ़ से माँ टूट जाती है.


गिन लेती है दिन बगैर मेरे गुजारें हैं कितने, भला कैसे कह दूं कि माँ अनपढ़ है मेरी.


माँ ने अपने दर्द भरे खत में लिखा था सड़के पक्की है अब तो गाँव आया कर.


Daastan mere laad pyaar ki Bas aik hasti k gird ghoomti hai Pyaar jannat se is liye hai mujhe Ye meri maa k kadam choomti hai.


मांग लूँ यह मन्नत की फिर यही जहाँ मिले फिर वही गोद फिर वही माँ मिले.


जिस दिन मेरी माँ सलामती की दुआ करती है उस दिन सिगरेट भी जेब में टूट जाती है.


marte dam tak aa saka na bacha ghar pardes se. apni sari duyayain chokhat pe chor jati hia MAA.


मां तुम्हारे पास आता हूं तो सांसें भीग जाती है, मोहब्बत इतनी मिलती है की आंखें भीग जाती है.


Maa Pehle Aansu Aate The To Tum Yaad Aati Thi, Aaj Tum Yaad Aati Ho Aur Aansu Nikal Aate Hai.


जमाने ने इतने सितम दिए की रूह पर भी जख्म लग गया, मां ने सर पर हाथ रख दिया तो मरहम लग गया.


रूह के रिश्तो की यह गहराइयां तो देखिए, चोट लगती है हमें और दर्द मां को होता है.


jab parseshani mein phass jate hain hum pardes main. aansuuyon ko pochne khawbon main chali aati hai MAA.


Aaj Mujhe Aukaat ka Andaaza Hogaya, MAA ne Chuaa Gulaab toh Taaza Hogaya.