Maa Shayari in Hindi

Tere Bina Main Ye Duniya Chhod to Du, Par Uska Dil Kaise Dukha Du, Jo Roz Darwaze Par Khadi Kehti Hai, “Beta Ghar Jaldi Aa Jana”.


उनका कंधा खुदा ने ना जाने कितना मज़बूत बनाया है.. हमारी ख्वाहिशों को उठाते हुए माँ बाप ने कभी उफ़ तक नहीं किया.


Aey Maa Phir se muje mera Bastaa de de, Duiniya ka Diya Sabaq Bahot Muskil bahot hai.


Khud ko kabhi iss Bheed mai Tanha Nahi Hone Dege, Maa tujhe ham Boodha nahi hone dege.


रोज़ रौशन कर देती है मुक़दर मेरा रात के अँधेरे में मेरी माँ की लोरियाँ.


सर्द की ये पहली हवा,मुझको रुला गई बदन कपकपाया तो,मुझको “माँ” याद आ गई.


माँ कहती है मेरी दौलत है तू और बेटा किसी और को ज़िन्दगी मान बैठा है.


इन आँखों के कारण ही, तुझे दिल ने अपनाया था, ये दिल भी यूँ अक्सर ही, आँखों को भिगाया था चलने को तो मैं भी, चला जाता ज़माने से पर,  उस ऊँगली को कैसे भूलता,जो कभी चलना सिखाया था.


Shayad aa jayen woh rona sunkar, Mujhko bewajah rulaa de koi, Maine kayi roz se nahi khaya, Uss mohabbat se khila de koi, Mujhko khwaahish nahi mile duniya, Mujhko meri maa se mila de koi.


मांग लूँ यह दुआ कि फिर यही जहाँ मिले, फिर वही गोद मिले फिर वही माँ मिले.


ऐ अंधेरे देख ले, मुँह तेरा काला हो गया, माँ ने आँखे खोल दी, घर में उजाला हो गया.


Maine Kal Saari Mohabbat ki kitaabe Fad di, Sirf ek Kaagaz Rehne diya, Jispe likha tha “Lafz e – MAA”