Ghamand & Guroor Shayari

Aukat कि बात मत कर एदोस्त, तेर बंदुक से ज्यादा लोग हमारी आंखो से डरते है.


राज तो हमारा हर जगह पे है…। पसंद करने वालों के “दिल” में और नापसंद करने वालों के “दिमाग” में.


Kise Khwab Ke Itni Aukat Nai Ke Jise Hum Dekhe Aur Wo Puri Na Ho.


हम वो ही हैं, बस जरा ठिकाना बदल गया हैं अब, तेरे दिल से निकल कर, अपनी Aukat में रहते हैं.


Hum aaj bhi Shatranj ka khel akele hi khelte hai, Kyu ki Dosto ke khilaf chal chalna hame aata nahi.


घमंड न करना जिन्दगी मे तकदीर बदलती रहती है, शीशा वही रहता है बस तस्वीर बदलती रहती है.


Apun ki Zindagi taas ke Ikke ki tarah hai, Jiske bagair Badshah aur Rani dono adhure hai.


हम अच्छे सही पर लोग ख़राब कहतें हैं,इस देश का बिगड़ा हुआ हमें नवाब कहते हैं,हम ऐसे बदनाम हुए इस शहर में,कि पानी भी पीये तो लोग उसे शराब कहते हैं.


Mere Lafzon se na kar mere kirdaar ka faisla, Tera Wajood mit jayega meri haqikat dhundhte dhundhte.


Meri Himmat ko parkhne ki Gustakhi mat karna, Pahele bhi kai Tufaano ka rukh mod chuka hu.


Sher khud apni takat se Raja hota hai, Jangal mein Voting nahi hote.


हथियार तो सिर्फ शौक के लिए रखा करते है, वरना किसी के मन में खौंफ पैदा करने के लिए तो बस हमारा नाम ही काफी है.