Eid Shayari in Hindi

Kapron Ki Dukaah Se Door Chand Sikkon Ko Gintay Gintay Ek Gareeb Ki Ankhon Mai Eid Ko Martay Daikha hai.


कहीं है ईद की शादी, कहीं मातम है मक़्तल में कोई क़ातिल से मिलता है, कोई बिस्मिल से मिलता है.


Na kisi ka deedar hua, Na kisi k galy miley Kaisi khamosh Eid thi, Jo aai or chali gai.


उठा दो दोस्तो इस दुश्मनी को महफ़िल से शिकायतों के भुलाने को ईद आई है.


Sahib-E-Aqal Ho Aap, Aik Masla to Batao, Maine Rukh-E-Yaar Nahi Dekha Kya Meri “EID” Ho Gai.


सभी मुराद हों पूरी हर एक सवाली की, दुआ को हाथ उठाओ कि ईद का दिन है.


Tere bagair humne guzari hai aese eid, Jaise safar mai sham e ghariban guzar gai.


तुझको मेरी न मुझे तेरी ख़बर जाएगी ईद अब के भी दबे पाँव गुज़र जाएगी.


तुम दिख जाओ कभी, वो दिन भी मेरा ईद से कम नहीं होता.


Tujhe meri na mujhe teri khabar jaye gi Eid ab ke baar dabey paaon guzar jaye gi.


उसे मालूम है उसके आने से हो जायेगी ईद मेरी, चाँद सा वो मेरे आँगन में उतर क्यों नहीं आता बस एक झलक उसकी भर देगी खुशियों से मुझे,वो मोतियों सा मेरे होठों पे बिखर क्यों नहीं जाता.


Udhar se Chand Tum Dekho Idhar se Chand Hum Dekhen Nigaahen Is tarah Takrayen Ki Do Dilon ki Eid ho Jaye. Chand Raat Mubarak.


किया था अहेद कि खुशियाँ जहाँ में बाँटेंगे इसी तल्ब के निभाने को ईद आयी है महक उठी है फ़ज़ा पैरहन की ख़ुशबू से चमन दिलों का खिलाने को ईद आई है.