75+ Top {Dusmani Shayari} in Hindi

Dusmani Shayari in Hindi

दोस्ती भी अब लोग अधूरा करते हैं,
दुश्मनों की कमी अब तो दोस्त पूरा करते हैं,


ऐ नसीब जरा एक बात तो बता,
तु सबको आजमाता हैँ या मुझसे ही दुश्मनी हैँ .


अगर किस्मत आजमाते-आजमाते थक गये हो
तो कभी खुद को भी आजमाईए नतीजे बहेतर होंगे


तुझसे अच्छे तो मेरे दुश्मन निकले,
जो हर बात पर कहते हैं.. ‘तुम्हें नहीं छोड़ेंगे.


दुआ करते हैं हम खुदा से,
के वो आप जैसा दोस्त और न बनाये,
एक कार्टून जैसी चीज है हमारे पास,
कहीं वो भी कॉमन न हो जाये।


दोस्ती जब किसी से की जाए
दुश्मनों की भी राय ली जाए


आसमान जितना नीला हैं,
सूरजमुखी जितना पीला हैं,
पानी जितना गीला हैं,
आपका स्क्रू उतना ही ढीला हैं


तेरी गलियों में आने जाने से दुश्मनी हो गयी ज़माने से,
सोके दीदार दे रहा है सज़्जा मिलने आजा किसी बहाने से.


कभी ख़ुद को मेरे प्यार में भुला कर देख,
दुश्मनी अच्छी नहीं मुझे दोस्त बना करे देख.


दोस्ती या दुश्मनी, नहीं निभाता है आईना,
जो उसके सामने है, वही दिखाता है आईना.


जिन लोगों के पास दिखाने के लिए टैलेंट नहीं होता
वो अक्सर अपनी औकात दिखा जाते हैं


लोग कहते हैं कि इतनी दोस्ती मत करो कि दोस्त दिल पर सवार हो जाए,
मैं कहता हूँ दोस्ती इतनी करो कि दुश्मन को भी तुम से प्यार हो जाए.


उसके दुश्मन है बहुत आदमी अच्छा होगा,
वो मेरी ही तरह शहर में तन्हा होगा.


दुश्मनों ने जो दुश्मनी की है
दोस्तों ने भी क्या कमी की है


हाथ में खंजर ही नहीं आँखों में पानी भी चाहिए,
ऐ खुदा दुश्मन भी मुझे खानदानी चाहिए..!


उसका ये अंदाज़ भी दिल को भा गया हैं,
कल तक जो दोस्त था आज दुश्मनी पर आ गया हैं.


दुश्मनी जम के करो पर इतनी गुंजाईश रहे,
कल जो हम दोस्त बन जाए तो शर्मिंदा न हो.


हम तो दुश्मनी भी दुश्मन की औकात देखकर करते है
बच्चो को छोड देते है और बडो को तोड देते है.


जो दिल के करीब थे वो जबसे दुश्मन हो गये,
जमाने में हुए चर्चे, हम मशहूर हो गये.


चुभता तो बहुत कुछ मुझको भी हैं, तीर की तरह,
मगर खामोश रहता हूँ, अपनी तकदीर की तरह.


तरतीब दे रहा था मैं फ़हरिस्त-ए-दुश्मनान
यारों ने इतनी बात पे ख़ंजर उठा लिया

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