Dushmani Shayari in Hindi

तुझसे अच्छे तो मेरे दुश्मन निकले, जो हर बात पर कहते हैं ‘तुम्हें नहीं छोड़ेंगे.


दुआ करते हैं हम खुदा से, के वो आप जैसा दोस्त और न बनाये, एक कार्टून जैसी चीज है हमारे पास, कहीं वो भी कॉमन न हो जाये.


कभी ख़ुद को मेरे प्यार में भुला कर देख, दुश्मनी अच्छी नहीं मुझे दोस्त बना करे देख.


दोस्ती या दुश्मनी, नहीं निभाता है आईना, जो उसके सामने है, वही दिखाता है आईना.


जिन लोगों के पास दिखाने के लिए टैलेंट नहीं होता वो अक्सर अपनी औकात दिखा जाते हैं.


हम तो दुश्मनी भी दुश्मन की औकात देखकर करते है बच्चो को छोड देते है और बडो को तोड देते है.


जो दिल के करीब थे वो जबसे दुश्मन हो गये, जमाने में हुए चर्चे, हम मशहूर हो गये.


चुभता तो बहुत कुछ मुझको भी हैं, तीर की तरह, मगर खामोश रहता हूँ, अपनी तकदीर की तरह.


उसका ये अंदाज़ भी दिल को भा गया हैं, कल तक जो दोस्त था आज दुश्मनी पर आ गया हैं.


दुश्मनी जम के करो पर इतनी गुंजाईश रहे, कल जो हम दोस्त बन जाए तो शर्मिंदा न हो.


तेरी गलियों में आने जाने से दुश्मनी हो गयी ज़माने से, सोके दीदार दे रहा है सज़्जा मिलने आजा किसी बहाने से.


वैसे दुश्मनी तो हम -कुत्ते- से भी नहीं करते है पर बीच में आ जाये तो -शेर- को भी नहीं छोड़ते.


दुश्मनी का सफ़र इक क़दम दो क़दम, तुम भी थक जाओगे हम भी थक जाएँगे.