Cool Status in Hindi

ऊपर जिसका अन्त नही उसे आसमां कहते है॥ इस जहां मे जिसका अन्त नही उसे मां कहते है॥


बड़ी मुस्किल से बनाया था अपने आपको काबिल उसके, उसने ये केहकर बिखेर दिया… की तुमसे मोह्बत तो है पर पाने की चाहत नही हे !!


छोड़ तो सकता हूँ मगर छोड़ नहीं पाता उसे, वो शख्स मेरी बिगड़ी हुई आदत की तरह है.


हम तो यूहीँ दिल साफ रखा करते थे….. पता नहीं था कीमत चेहरों की होती है..


इन बादलों का मिज़ाज मेरे मेहबूब से काफी मिलता हे , कभी टुटके बरसाते हे तो कभी बेरुखी से गुजर जाते हे !!


फ़रिश्ते ही होंगे जिनका हुआ इश्क मुकम्मल, इंसानों को तो हमने सिर्फ बर्बाद होते देखा है…..!!


मेरी जिंदगी का खेल शतरंज से भी मज़ेदार निकला.. मैं हारा भी तो अपनी हीं रानी से..!!


वो फिर से लौट आये थे मेरी जिंदगी में….अपने मतलब के लिये और हम सोचते रहे की हमारी दुआ में दम था ..


शायरी का बादशाह हुं और कलम मेरी रानी, अल्फाज़ मेरे गुलाम है, बाकी रब की महेरबानी


होठ मिला दिए उसने मेरे होठो से यह कहकर… शराब पीना छोड़ दोगे तोह यह जाम तुम्हे रोज़ मिलेगा..


Attitude तो सब लोगों के पास होता है, बस फर्क इतना है कि किसी का Attitude छिप जाता है, और हमारा Attitude तो छप जाता है..!


आगरा का ताजमहल गवाह हैं की औरत जीते जी ही नहीं मरने के बाद भी जेबें खाली करवा सकती है.


खुशियाँ बटोरते बटोरते उम्र गुज़र गई .. पर हाथ कुछ न लगा ! तब जाकर ये एहसास हुआ कि .. खुश तो वो लोग हैं “जो खुशियाँ बाँट रहे थे” !!


इतिहास गवाह हैं (खबर..) हो या (कबर..) खोदते ‘अपने’ ही हैं..


यूँ ही शौक़ है हमारा तो शायरी करना ।। किसी की दुखती रग छू लूँ.तो यारों माफ़ करना..


नीलाम कुछ इस कदर हुए, बाज़ारएवफ़ा में हम आज, बोली लगाने वाले भी वो ही थे, जो कभी झोली फैला कर माँगा करते थे!


अकल कितनी भी तेज ह़ो नसीब के बिना नही जित सकती, बिरबल काफी अकलमंद होने के बावजूद.. कभी बादशाह नही बन सका ।


पानी दरिया में हो या आँखों में, गहराई और राज़ 2नो में होते हैं!!


ना छेड़ किस्सा वोह उल्फत का बड़ी लम्बी कहानी है मैं जिन्दगी से नहीं हारा किसी अपने की मेहरबानी है..


ये, फ़र्क़ तो है, दरमियाँ तेरे और मेरे, तुम कह कर भी नहीं कहते, और हम कह ही नहीं पाते….


तेरी बेरुखी ने छीन ली है शरारतें मेरी और लोग समझते हैं कि मैं सुधर गया हूँ ..!


गीली लकड़ी सा इश्क उन्होंने सुलगाया है…ना पूरा जल पाया कभी, ना बुझ पाया है


दिलों की बात करता है ज़माना… पर मोहब्बत आज भी चेहरे से शुरू होती है…


चाहे कितनी भी डाईटिंग कर लों हसीनाओ जब तक भावखाना बंद नही करोगी …वजन कम नही होगा…


इतनी करुंगा मुहब्बत के तू खुद कहेगी। देखो वो मेरा आशिक़ जा रहा है..!!!