1000+ Childhood Status in Hindi & English 【 Are U Missing Childhood 】

Childhood Status in Hindi & English

बड़ी हसरत से इंसाँ बचपने को याद करता है, ये फल पक कर दोबारा चाहता है ख़ाम हो जाए


बच्चा बोला देख कर मस्जिद आली-शान अल्लाह तेरे एक को इतना बड़ा मकान


बच्चों के छोटे हाथों को चाँद सितारे छूने दो चार किताबें पढ़ कर ये भी हम जैसे हो जाएँगे


आलू-कचालू बेटा कहाँ गये थे, बन्दर की झोपडी मे सो रहे थे, बन्दर ने लात मारी रो रहे थे, मम्मी ने पैसे दिये हंस रहे थे…!!!


Whoever said that childhood is the happiest time of your life is a liar?


To have your childhood dream realized is a really big deal.


Childhood, after all, is the first precious coin that poverty steals from a child.


We carry our childhood with us.


एक हाथी एक राजा एक रानी के बग़ैर नींद बच्चों को नहीं आती कहानी के बग़ैर


खिलौनों की दुकानो रास्ता दो मिरे बच्चे गुज़रना चाहते हैं


जिस के लिए बच्चा रोया था और पोंछे थे आँसू बाबा ने वो बच्चा अब भी ज़िंदा है वो महँगा खिलौना टूट गया


मैं बचपन में खिलौने तोड़ता था  मिरे अंजाम की वो इब्तिदा थी


When I was a kid, I wanted to be older but now all I want is to go back to my childhood.


Some people mature too fast, some too slow. Some never had a childhood, some never grow.


I miss being a little kid with no stress, worries or care in the world.


The awkward moment when Justin Biber’s entire childhood was recorded and I can’t even find a video of my first birthday.


मेरे रोने का जिस में क़िस्सा है  उम्र का बेहतरीन हिस्सा है


असीर-ए-पंजा-ए-अहद-ए-शबाब कर के मुझे कहाँ गया मिरा बचपन ख़राब कर के मुझे


अपने बच्चों को मैं बातों में लगा लेता हूँ जब भी आवाज़ लगाता है खिलौने वाला


मेरी दोस्ती का फायदा उठा लेना, ???? क्युंकी मेरी दुश्मनी का नुकसान सह ???? नही पाओगे…!


A sister is a little bit of childhood that can never be lost.


The miss those childish days of long ago, when one day was as long as twenty are now.


Candy is childhood, the best and bright moments you wish could have lasted forever.


Your adulthood is a by-product of your teenage hood, which is a complicated version of childhood.


बचपन में कितने रईस थे हम, ख्वाहिशें थी छोटी-छोटी, बस हंसना और हंसाना, कितना बेपरवाह था वो बचपन.


मोहल्ले में अब रहता है, पानी भी हरदम उदास, सुना है पानी में नाव चलने वाले बच्चे अब बड़े हो गए.


बचपन भी कमाल का था खेलते खेलते चाहें छत पर सोयें या ज़मीन पर आँख बिस्तर पर ही खुलती थी !!


झूठ बोलते थे फिर भी कितने सच्चे थे हम  ये उन दिनों की बात है जब बच्चे थे हम


I have all my childhood memories with this photographs.


Childhood is measured out boy sounds and smells and sights,  before the dark hour of reason grows.

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