Breakup Status in Hindi

“इश्क के रिश्ते भी बड़े नाजुक होते है, साहब रात को नम्बर बिजी आने पर भी टूट जाते है |”


“जो चले जाते हैं ख़ामोशी की चादर ओढे उनकी यादें बहुत शोर मचाया करती हैं |”


“ये तो बस वही जान सकता है मेरी तनहाई का आलम जिसने जिन्दगी में किसी को पाने से पहले खोया है |”


युं तो गलत नही होते अंदाज चहेरों के..लेकिन लोग, वैसे भी नहीं होते जैसे नजर आते है..


हर सिग्नल तेरी याद दिलाता है, तूने भी रंग कुछ इसी तरह बदला था…!


लिखना तो ये था कि खुश हूँ तेरे बगैर भी. पर कलम से पहले आँसू कागज़ पर गिर गया..


हम रूठे दिलों को मनाने में रह गए; गैरों को अपना दर्द सुनाने में रह गए; मंज़िल हमारी, हमारे करीब से गुज़र गयी; हम दूसरों को रास्ता दिखाने में रह गए।


दिल से खेलना तो हमे भी आता है… लेकिन जिस खैल मे खिलौना टुट जाए वो खेल हमे पसंद नही..


दिल तो करता हैं की रूठ जाऊँ कभी बच्चों की तरह फिर सोचता हूँ कि मनाएगा कौन….?


बिना उसके दिल का हाल कैसे बतलाऊ…!! जैसे खाली बस्ता हो किसी नालायक बच्चे का…!!


एहसान किसी का वो रखते नहीं मेरा भी चुका दिया, जितना खाया था नमक मेरा, मेरे जख्मों पर लगा दिया.


तुम अपने ज़ुल्म की इन्तेहाँ कर दो, फिर कोई हम सा बेजुबां मिले ना मिले…


एक खेल रत्न उसको भी दे दो ,बड़ा अच्छा खेलती है वो दिल से


टूट जायेंगी उसकी “ज़िद” की आदत उस वक़्त…जब मिलेगी ख़बर उनको की याद करने वाला अब याद बन गया है…


हर रात जान बूझकर रखता हूँ दरवाज़ा खुला…शायद कोई लुटेरा मेरा गम भी लूट ले….


नींद भी नीलाम हो जाती है बाज़ार -ए- इश्क में,किसी को भूल कर सो जाना, आसान नहीं होता !


मैंने पूछा उनसे, भुला दिया मुझको कैसे..? चुटकियाँ बजा के वो बोली…ऐसे, ऐसे, ऐसे


तोड़ कर देख लिया आईना-ए-दिल तूने; तेरी सूरत के सिवा और बता क्या निकला।


ऐ दिल थोड़ी सी हिम्मत कर ना यार, दोनों मिल कर उसे भूल जाते है…..!!!!!


डूबी हे मेरी उंगलिया खुद अपने लहू में, ये कांच के टुकडो को उठाने की सजा हे !


हम भी ‪‎किसी की ‪दिल की ‪हवालात में ‪‎कैद थे..!! फिर उसने ‪‎गैरों के ‪‎जमानत पर हमें ‪ रिहा कर दिया..!!???? ???? ???? ????…


अपनी जवानी ???? में और ‪रखा ही क्या है, ☝कुछ तस्वीरें ???? ‪‎यार ???? की ‪‎बाकी बोतलें शराब की ।।


जिस्म ???? पर ‪‎जो निशान ☝ हैं ना ‪‎जनाब, ????वो ‪बचपन के ☝ हैं बाद के ???? तो ‪सारे दिल ❤ ‪‎पर है ।। ????


बारिश के ‪बाद तार पर ‪टंगी ‪आख़री ‪‎बूंद से पूछना, क्या होता है ‪‎अकेलापन