Bewafa Status in Hindi

“जाता हुआ मौसम लौटकर आया है.. काश वो भी कोशिश करके देखे…!!”


“अजीब है महोब्बत का खेल , जा मुझे नही खेलना रूठ कोई ओर जाता है , टूट कोई ओर जाता है ।”


“काश तेरी याद़ों का खज़ाना बेच पाते हम.. हमारी भी गिनती आज अमीरों में होती । ”


“नाराजगी, डर,नफरत या फिर प्यार…कुछ तो जरुर है जो तुम मुझ से दूर दूर रहते हो”..!!


“तू इतना प्यार कर जितना तू सह सके, बिछड़ना भी पड़े तो ज़िंदा रह सके.!”


“मौत के बाद याद आ रहा है कोई, मिट्ठी मेरी कबर से उठा रहा है कोई, या खुदा दो पल की मोहल्लत और दे दे, उदास मेरी कबर से जा रहा है कोई.”


“सुनो कोई टूट रहा है तुम्हे एहसास दिलाते दिलाते, सीख भी जाओ किसी की चाहत की कदर…”


“मत पूछो यारो ये इश्क केसा होता है. बस जो रुलाता है ना, उसे ही गले लगाकर रोने को जी चाहता है .”


“अजीब सा दर्द है इन दिनों यारों, न बताऊं तो ‘कायर’, बताऊँ तो ‘शायर’।।”


“कहते हैं कि हम उनकी झूठी ही तारीफ करते हैँ. ऐ खुदा इतना करम कर दे – बस एक दिन के लिए आईने को जुबान दे दे.”


“दिन गुजर जाता हे तुम्हारी यादो के साथ मशला रात का हे खेर जाने दो”


“रूप का आकर्षण प्यार नही होता हर किसी पे ना मर छोरे क्योकि हर के पास सच्चा प्यार नही होता”


मै रोता रहा रातभर मगर फैसला ना कर सका तू याद आ रही है… या मै याद कर रहा हूँ…


“न जख्म भरे, न शराब सहारा हुई न वो वापस लौटी न मोहब्बत दोबारा हुई !”


“मयखाने से पूछा आज इतना सन्नाटा क्यों है, बोला, साहब लहू का दौर है शराब कौन पीता है”


इश्क का समंदर भी क्या समंदर है… जो डूब गया वो #आशिक… जो बच गया वो #दीवाना… जो तैरता ही रह गया वह #पति !!!


“तुम तो डर गये हमारी एक ही कसम से, हमेँ तो तुम्हारी कसम देकर हजारो ने लूटा है ”


“कदम लडखडाये तो पता चला की पी ली हैं वरना याद में आपकी,वैसे भी हम नशे में रहेते हैं.. !”


मेरी कोशिश कभी कामयाब ना हो सकी, पहले तुझे पाने की फिर तुझे भुलाने की’;


“महफिल लगी थी बद दुआओं की, हमने भी दिल से कहा उसे इश्क़ हो, उसे इश्क़ हो, उसे इश्क़ हो…”


“इतनी दिलक़श आँखें होने का, ये मतलब तो नही कि, जिसे देखो उसे बरबाद कर दो।।”


“किसी को न पाने से जिंदगी खत्म नही होती, लेकिन किसी को पा कर , खो देने से ….. कुछ भी बाकी नही रहता”


“चाहा था मुक्कमल हो मेरे गम की कहानी, मैं लिख ना सका कुछ भी, तेरे नाम से आगे !!”


अब तुझसे शिकायत करना,मेरे हक मे नहीं क्युकी तू आरजू मेरी थी,पर अमानत शायद किसी और की ।


“मुझे रुला कर सोना तो तेरी आदत बन गई है, जिस दिन मेरी आँख ना खुली बेशक तुझे नींद से नफरत हो जायगी..”