1000+ {Akad Aukat Status} in Hindi for Girls and Boys

Akad Aukat Status in Hindi

मेरी हिम्मत को परखने की गुस्ताखी न करना, पहले भी कई तूफानों का रुख मोड़ चुका हु.


ओ #Pagli मेरा #Face अपने अन्दर #Install मत करना वरना #Tera #Dil #Hang हो जायेगा.


भाई बोलने का हक मैंने सिर्फ दोस्तों को दिया है, वरना दुश्मन हमे आज भी बाप के नाम से जानते है.


मेरे पीठ पर जो जख्म है, वो अपनों की निशानी हैं, वरना सीना तो आज भी दुश्मनो के इंतजार मे बैठा है.


चश्मे तो हम शौक के लिए पहनते है, वरना कीसी को पटाने के लिए हमारे आंखोँ के इशारे ही काफी हे.


#हम तो ऐसी लड़की पटायेंगे, जो हो सबसे #Hatke, जिसे देखते ही #DiL को लगे #440 वॉल्ट #Ke #Jatke.


अरे #Pagli तेरी 1 #Smile के लिए हम #Duniya भुला देंगे, तो सोच तेरे 1 #आँसू के लिए कितनों को सुलादेंगे.


सभी हीरो नहीं बन सकते। हीरों के गुजरने पर तालियां बजाने के लिए भी तो, कुछ लोगों की जरूरत पड़ती है.


हुकुमत हमारा #‪Khwab है, पर गुलामी भी ‪लाजवाब है, अगर तुम लङकियां ‎शबाब हो, तो हम लङके भी ‪नवाब हैं.


हर स्त्री, पुरुष के साथ बराबरी चाहती है, मगर इस शर्त के साथ कि चूहे, छिपकली और कॉकरोच के साथ पुरुष अकेले ही निपटेगा.


जुक के बात करने की आदत बना ले, काफी फायेदे में रहोगे, क्युकी आज भी आँखे मिला कर बात करने की तेरी औकात नही हे.


पगली हमारे #Bhai_K_Look की बात ना कर आज भी #लडकिया देख के, अपनी #अपनी सहेलीयो ये कहती है कि देख मेरे वाला जा रहा है.


लोग कहते हैं कि #सुधर जाओ वरना #ज़िंदगी रूठ जायेगी. हम कहते है, #ज़िंदगी तो वैसे भी रूठी है पर हम सुधर गए तो #हमारी पहचान #रूठ जायेगी.


हमारी गोली जान नही लेती बोस.. दुसरो के अन्दर जानवर जगा देती हे ।


क्या करे बुरी आदत हे हमारी.. नर्क के दरवाजे के सामने खड़े होकर पाप करते हे !!


आहिरों का बस यही अंदाज हे, जब आते हे तो गरमी अपने आप बढ़ जाती हे ।


तुम गरदन जुकाने की बात करते हो, हम वौ है जो आंख उठाने वालो की गरदन प्रसाद मै बाट देते है..।।


शायरी का बादशाह हुं और कलम मेरी रानी, अल्फाज़ मेरे गुलाम है, बाकी रब की महेरबानी ।


जी भर गया है तो बता दो, हमें इनकार पसंद है इंतजार नहीं..!


मुझको पढ़ पाना हर किसी के लिए मुमकिन नहीं, मै वो किताब हूँ जिसमे शब्दों की जगह जज्बात लिखे है…!!


मेरी फितरत में नहीं अपना गम बयां करना, अगर तेरे वजूद का हिस्सा हूँ तो महसूस कर तकलीफ मेरी..।।


जनाब मत पूछिए हद हमारी गुस्ताखियों की, हम आईना ज़मीं पर रखकर आसमां कुचल दिया करते है ।


इतना भी गुमान न कर आपनी जीत पर ‘ऐ बेखबर’ शहर में तेरे जीत से ज्यादा चर्चे तो मेरी हार के हैं।।।


मुझमे खामीया बहुत सी होगी मगर, एक खूबी भी है.. मे कीसी से रीश्ता मतलब के लीये नही रखता.

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