Akad Aukat Status in Hindi

किसी ख्वाब की इतनी Aukat नहीं के,हम देखे और पूरा ना हो.


“तू मोहब्बत है मेरी इसीलिए दूर है मुझसे… अगर जिद होती तो शाम तक बाहों में होती।”


तेवर न दिखाओ तो लोग आँख दिखा ने लग जा ते हैं.


“जब आप किसी लड़की को बदल नहीं सकते तो बदल दो साली को |”


“ज़हासे तेरी बादशाही खत्म होंती हे , वहा से मेरी नवाबी सुरु होती हे ।”


“दहशत गोली से नही दिमाग से होती है, और दिमाग तो हमारा बचपन से ही खराब है.”


इरादे सब मेरे साफ़ होते हैं, इसीलिए, लोग अक्सर मेरे ख़िलाफ़ होते हैँ!!!


रोज स्टेटस बदलने से जिंन्दगी नहीं बदलती, जिंदगी को बदलने के लिये एक स्टेटस काफी है..!!


अक्सर वही लोग उठाते हैं हम पर उंगलिया, जिनकी हमें छूने की औकात नहीं होती।


चलो बिखरने देते हैं ज़िन्दगी को, संभालने की भी एक हद होती हैं.


मुसीबत के दिन गुजर जायेंगे, आज जो मुझे देखके हंसते है , वो कल मुझे देखते रह जायेंगे ..


अकड़ती जा रही हैं हर रोज गर्दन की नसें, आज तक नहीं आया हुनर सर झुकाने का


हम बुरे ही भले अब.. जब अच्छे थे तब कौन से मैडल मिल गए


झुकता वही है जिसमें जान होती है, अकडना तो लाश की पहचान होती है।


जो आदमी लिमिट में रहता हैं, वो ज़िन्दगी भर लिमिट में ही रह जाता हैं


उन्होंने तो हमें धक्का दिया था डुबाने के इरादे से अंजाम ये निकला हम तैराक बन गए।


कमियाँ तो बहुत है मुझमे, पर कोई निकाल कर तो देखे


रुकावटे तो ज़िन्दा इन्सान के लिए हैं, मय्यत के लिए तो सब रास्ता छोड़ देते है


वो मंज़िल ही बदनसीब थी जो हमे पा ना सकी, वरना जीत की क्या औकात जो हमे ठुकरा दे


अजीब किस्सा है जिन्दगी का,अजनबी हाल पूछ रहे हैं, और अपनो को खबर तक नहीं।


ज़िंदगी में बहुत्त कष्ट है, फिर भी हम मस्त है !!


कभी कभी जीतने के लिए कुछ हारना भी पड़ता हैं, और हार कर जीतने वाले को लोग बाज़ीगर कहते हैं.

दीदार की तलब हो तो नजरें जमाये रखना .. क्यों कि ‘नकाब’ हो या ‘नसीब’ सरकता जरूर है